तालिबान के सामने अफगानिस्तान की सेना के घुटने टेकने पर NATO चीफ ने कही ये बात

Afghanistan Crisis: नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों के तेजी से घुटने टेकने के लिये देश के नेतृत्व को जिम्मेदार बताया और कहा कि नाटो को अपने सैन्य प्रशिक्षण प्रयासों में हुईं खामियों को भी उजागर करना चाहिए. स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि ‘अफगान राजनीतिक नेतृत्व टिके रहने में विफल रहा’ और ‘अफगान नेतृत्व की इस विफलता ने उस त्रासदी को जन्म दिया, जिसे आज हम देख रहे हैं.’

हाल के हफ्तों में अफगानिस्तान में तालिबान की व्यापक जीत के सुरक्षा प्रभावों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को नाटो दूतों की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की.

तालिबान के हमलों का सामना करते वक्त जिस तरह अफगान सशस्त्र बलों ने घुटने टेक दिये, उसका उल्लेख करते हुए, स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि इतनी जल्दी पतन कैसे हो गया. उन्होंने कहा कहा कि ये कुछ ऐसे सबक हैं, जिनसे नाटो को सीखने की जरूरत है.

गौरतलब है कि दो दशक पहले अमेरिका के नेतृत्व में विभिन्न देशों के सैन्य गठबंधन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ युद्ध छेड़ा था. इसके बाद नाटो देशों की सेनाओं ने अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित किया था.

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