क्या NASA के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में सुनी एलियन की आवाजें? जानें इस दावे की सच्चाई

0
20
Facebook
Twitter
Pinterest
WhatsApp

सोशल मीडिया पर वायरल कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में कुछ आवाजें सुनी हैं जो कि एलियंस की हो सकती है. लेकिन इस दावे की हकीकत क्या हम आपको बता रहे है. दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप का उपयोग करने वाले खगोलविदों को एलियन की आवाज नहीं बल्कि पांच संक्षिप्त, शक्तिशाली रेडियो संकेतों के बारे में पता चला है. ये संकेत पांच दूर की आकाशगंगा के स्पाइरल आर्म आ रहे हैं.


एफआरबी के बारे में पता लगना मुश्किल
इन रेडियो संकेत को फास्ट रेडियो बर्स्ट (एफआरबी) कहा जाता है. ये असाधारण घटनाएं एक सेकंड के हजारवें हिस्से में उतनी ही ऊर्जा उत्पन्न करती हैं जितनी सूर्य एक वर्ष में करता है. चूंकि ये क्षणिक रेडियो पल्स पलक झपकते ही बहुत कम समय में गायब हो जाते हैं, इसलिए शोधकर्ताओं को यह पता लगाने में बहुत मुश्किल होती है कि वे कहां से आते हैं. यह भी निर्धारित करना बहुत मुश्किल है कि कौन सी चीजें इन्हें पैदा करती हैं.


एक आकाशगंगा की स्पाइरल आर्म युवा, विशाल तारों के वितरण का पता लगाती हैं. हालांकि, हबल छवियों से पता चलता है कि सर्पिल भुजाओं के पास पाए जाने वाले एफआरबी बहुत चमकीले क्षेत्रों से नहीं हैं, जो कि भारी तारों से प्रकाश के साथ चमकते हैं.


मैग्नेटर विस्फोटों से उत्पन्न हो सकते हैं युवा एफआरवी
खगोलविदों की टीम के हबल रिजल्ट  हालांकि उस अग्रणी मॉडल के मुताबिक हैं जो कहता है कि एफआरवी युवा मैग्नेटर विस्फोटों से उत्पन्न हो सकते हैं. मैग्नेटर एक प्रकार का न्यूट्रॉन तारा है, जिसमें शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र होते हैं. उन्हें ब्रह्मांड में सबसे मजबूत चुंबक कहा जाता है, जिसमें एक चुंबकीय क्षेत्र होता है जो रेफ्रिजरेटर के दरवाजे के चुंबक से 10 ट्रिलियन गुना अधिक शक्तिशाली होता है. खगोलविदों ने पिछले साल हमारी मिल्की वे आकाशगंगा में देखे गए एक एफआरबी के अवलोकन को एक ऐसे क्षेत्र से जोड़ा जहां एक ज्ञात चुंबक रहता है.


यह भी पढ़ें: WHO ने कहा- कोवैक्सिन को आपात इस्तेमाल लिस्ट में शामिल करने के लिए भारत बायोटेक से और जानकारी जरूरी



Source link

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here